अमेरिका-भारत ट्रेड डील: टैरिफ में कमी से किस सेक्टर को बंपर फायदा, बढ़ेगी कमाई

अमेरिका-भारत ट्रेड डील: टैरिफ में कमी से किस सेक्टर को बंपर फायदा, बढ़ेगी कमाई

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की घोषणा हो चुकी है. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. भारतीय निर्यातकों (एक्सपोर्टर्स) के लिए यह इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था. खास तौर पर गारमेंट, लेदर और फुटवियर बनाने वाली कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है. ये कंपनियां अभी-अभी समर सीजन के लिए अपने कंटेनर भेज चुकी हैं और अगले सीजन को लेकर चिंतित थीं. पिछले कुछ महीनों से कई छोटी भारतीय कंपनियों ने अमेरिका को एक्सपोर्ट बंद कर दिया था, जबकि बड़ी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर किसी तरह अपना कारोबार बचा रही थीं.

अतिरिक्त टैरिफ भी हटेगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील की घोषणा करते हुए कहा कि भारत पर टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. साथ ही, भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी हटाया जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी तेल की खरीद बंद करने के लिए सहमत हो गए हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि इस डील में भारत की चिंताओं का भी ध्यान रखा गया है और अमेरिका की चिंताओं को भी पूरी तरह शामिल किया गया है.

क्या चीन और बांग्लादेश पर भारी पड़ेगा भारत?

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार 131.84 अरब डॉलर का है. सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका के साथ भारत ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है. दोनों देश पिछले साल फरवरी से ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे थे और उन्होंने 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है.

अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान ज्यादा प्रतिस्पर्धी

ट्रेड डील के बाद अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है. उदाहरण के तौर पर, भारतीय गारमेंट्स पर अब 18 फीसदी टैरिफ लगेगा, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका पर यह 20 फीसदी है. इसी तरह भारतीय कारपेट को भी फायदा मिलेगा. 50 फीसदी टैरिफ के कारण भारतीय कारपेट को काफी मार्केट शेयर गंवाना पड़ा था, लेकिन अब यह तुर्की के कारपेट की तुलना में सस्ता पड़ेगा. इसी तरह अमेरिकी बाजार में एक बार फिर भारतीय झींगा भी सस्ता हो जाएगा. रत्न और आभूषण निर्यात करने वाली कंपनियों ने भी इस फैसले के बाद राहत की सांस ली है.

चीन से मुकाबला और किन सेक्टरों पर असर

चीन की तुलना में भी अब भारतीय सामान अमेरिका में सस्ता हो जाएगा, क्योंकि चीन के अधिकतर सामान पर अमेरिका में 34 फीसदी टैरिफ लगता है. हालांकि ऑटो पार्ट्स और मेटल पर टैरिफ फिलहाल बरकरार रहेगा. कंपनियां अभी इस ट्रेड डील की पूरी डिटेल का इंतजार कर रही हैं, क्योंकि इस पर कोई जॉइंट स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है. इस बीच, भारत ने हाल में यूके और यूरोपियन यूनियन के साथ भी ट्रेड डील की है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अपने कारोबार को और ज्यादा विविध बनाने का मौका मिलेगा.

एक्सपोर्ट के आंकड़े और पिछले टैरिफ का असर

अप्रैल से नवंबर के बीच भारत से अमेरिका का एक्सपोर्ट 11.3 फीसदी बढ़कर 59 अरब डॉलर पहुंच गया. इस दौरान स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट दोगुना होकर 16.7 अरब डॉलर हो गया. अगस्त में भारतीय सामान पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया था और उसके बाद रूस से तेल खरीदने के कारण 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया गया था. कई कंपनियों ने इस टैरिफ से बचने के लिए ज्यादा सामान पहले ही अमेरिका भेज दिया था. इसके अलावा भारत से अमेरिका जाने वाले करीब 40 फीसदी एक्सपोर्ट पर टैरिफ लागू नहीं था, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर शामिल हैं. www.mumbaiawaaz.asia

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