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    पालघर : फलाही तंजीम के राशन वितरण पर उठे सवाल; जावेद लुलानिया ने कहा मदद हो, लेकिन गरीब की इज्जत और हिसाब भी जरूरी मस्जिद ट्रस्टियों की जिम्मेदारी मस्जिद तक या पूरे गांव के फैसलों तक? सामाजिक नेतृत्व और जवाबदेही पर भी उठाए सवाल

    पालघर : फलाही तंजीम के राशन वितरण पर उठे सवाल; जावेद लुलानिया ने कहा मदद हो, लेकिन गरीब की इज्जत और हिसाब भी जरूरी मस्जिद ट्रस्टियों की जिम्मेदारी मस्जिद तक या पूरे गांव के फैसलों तक? सामाजिक नेतृत्व और जवाबदेही पर भी उठाए सवाल

     

    पालघर | 05 सितंबर 2026.

    ईद-ए-मिलादुन्नबी ﷺ के अवसर पर फलाही तंजीम, पालघर झोन की ओर से 26 अगस्त 2026 को करीब 105 जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरण किए जाने के बाद अब इस कार्यक्रम को लेकर सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।राशन वितरण से संबंधित फोटो, बैनर और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जावेद मजीद लुलानिया ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता, लाभार्थियों की निजता और राशन के लिए इस्तेमाल की गई निधि के हिसाब को लेकर सवाल उठाए हैं।

    लुलानिया का कहना है कि गरीबों की मदद करना नेक और सराहनीय कार्य है, लेकिन मदद लेने वाले व्यक्ति की इज्जत और निजता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। परिसर के रास्ते पर महिलाओं को बुलाकर राशन वितरण करने, उनके फोटो-वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की आवश्यकता और उद्देश्य पर उन्होंने सवाल उठाया है।उनका कहना है कि यदि किसी जरूरतमंद की सहायता की जा रही है तो उसकी पहचान छिपाकर, चेहरा ब्लर करके अथवा उसकी अनुमति लेकर भी सहायता का संदेश समाज तक पहुँचाया जा सकता है। गरीबी किसी व्यक्ति की पहचान या सार्वजनिक प्रदर्शन की चीज नहीं होनी चाहिए।

    यासीन, अमीन और पाशा से भी सवाल इस मामले में राशन वितरण और उससे संबंधित गतिविधियों में दिखाई देने वाले यासीन, अमीन तथा पाशा भाई सहित संबंधित जिम्मेदार लोगों से भी पारदर्शिता के संबंध में जवाब अपेक्षित होने की बात लुलानिया ने कही है।राशन वितरण के लिए रकम कहाँ से आई? कितनी राशि जमा हुई? कितने लोगों से जकात अथवा चंदा लिया गया? राशन कहाँ से खरीदा गया? उसका बिल और भुगतान रिकॉर्ड क्या है? करीब 105 परिवारों के चयन का आधार क्या था? कार्यक्रम के लिए बैनर किसकी अनुमति से लगाया गया और सोशल मीडिया पर वीडियो किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया? इन तमाम पहलुओं पर स्पष्टता की मांग की जा रही है।लुलानिया के अनुसार इस संबंध में चैरिटी कमिशनर कार्यालय और पालघर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है। उनका कहना है कि आगे की प्रक्रिया अब कानून और नियमानुसार ही की जाएगी।

    हाजी साजिद शेख को संदेश सम्मान अपनी जगह, सवाल अपनी जगह फलाही तंजीम कमिटी, पालघर के अध्यक्ष हाजी साजिद शेख को संबोधित करते हुए जावेद लुलानिया ने कहा कि उन्होंने हमेशा उनका सम्मान और रुतबा कायम रखा है तथा समाज के लिए किए गए अच्छे कार्यों की तारीफ भी की है।हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज में किसे आगे लाना है, किसे जिम्मेदारी देनी है और किन लोगों को नेतृत्व में स्थान देना है, इसका फैसला व्यक्तिगत पसंद अथवा गुटबाजी के आधार पर नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के काम और कार्यप्रणाली को लेकर समाज में सवाल उठ रहे हैं, तो उन सवालों का जवाब देना जरूरी है। 

    मेरा विरोध किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और सही व्यवस्था के लिए है,” ऐसा उनका कहना है। मस्जिद ट्रस्टियों की भूमिका पर भी सवाल जावेद लुलानिया ने मस्जिद के ट्रस्टियों की भूमिका को लेकर भी अपनी बात स्पष्ट की है। उनका कहना है कि मस्जिद के ट्रस्टियों को मस्जिद की हिफाजत, धार्मिक व्यवस्था और ट्रस्ट से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।उनके अनुसार इसका अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि किसी व्यक्ति या ट्रस्ट को पूरे गांव अथवा पूरे समाज के प्रत्येक मामले पर निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।उन्होंने कहा कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर यदि SP कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय या अन्य सरकारी स्तर पर बैठकें होती हैं, तो ऐसे मामलों में समाज की व्यापक राय और सहभागिता को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

    “माफी मांग सकता हूं, लेकिन सवालों से पीछे नहीं हटूंगा”

    जावेद लुलानिया ने हाजी साजिद शेख से यह भी कहा कि यदि उनकी किसी बात से उनका दिल दुखा हो या उन्हें व्यक्तिगत रूप से तकलीफ हुई हो तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं। लेकिन उन्होंने साफ किया कि माफी का अर्थ अपने सवालों से पीछे हटना नहीं है।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की इज्जत खराब करना नहीं, बल्कि समाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मान की व्यवस्था कायम करना है।

     

    उन्होंने अंत में कहा

    “आपका सम्मान अपनी जगह है, लेकिन मेरे सवाल और मेरे उसूल अपनी जगह हैं। इज्जत रहेगी, रिश्ते भी रहेंगे, लेकिन गलत बात का विरोध भी जारी रहेगा।”अब देखना यह होगा कि फलाही तंजीम, पालघर झोन तथा राशन वितरण से जुड़े संबंधित जिम्मेदार लोग इन सवालों का दस्तावेजों और तथ्यों के साथ क्या जवाब देते हैं। साथ ही, संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली जांच में इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है, इस पर भी समाज की नजर रहेगी।

     

    जावेद मजीद लुलानिया, पालघर.

    महाराष्ट्र उपाध्यक्ष, मायनॉरिटी डेमोक्रॅटिक पार्टी

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