पालघर रेलवे स्टेशन परिसर में रोज़ ट्रैफिक जाम, प्रशासन कब लेगा संज्ञान?
पालघर | प्रतिनिधि
पालघर रेलवे स्टेशन परिसर में इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। स्टेशन के बाहर रोज़ाना भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम नागरिक, यात्री, सीनियर सिटीजन और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन परिसर में वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और बसों की अनियमित रुकावट से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
विशेष रूप से राज्य परिवहन की लाल बसें (लाल परी) कई बार निर्धारित स्थान के अलावा अन्य जगहों पर खड़ी हो जाती हैं, जिससे सड़क का आधा हिस्सा बंद हो जाता है और लंबी कतारें लग जाती हैं। इसी तरह कुछ ऑटो-रिक्शा और निजी यात्री वाहन भी मनमर्जी से सवारी भरते दिखाई देते हैं। आरोप है कि कुछ चारपहिया यात्री वैन निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि क्या यह सब संबंधित विभागों की नजर से ओझल है? ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग को इस ओर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। यदि सरकारी परिवहन वाहन भी नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता से अनुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियंत्रण के लिए स्टेशन परिसर में स्थायी पुलिस व्यवस्था और स्पष्ट पार्किंग प्रणाली लागू की जानी चाहिए।
वर्तमान में जिले में पुलिस भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण पुलिस बल की उपलब्धता कम दिखाई दे रही है। हालांकि, नागरिकों की मांग है कि कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे मूलभूत मुद्दों पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। पालघर जिले के पालकमंत्री माननीय गणेश नाईक साहेब, जिले के माननीय खासदार और आमदार से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे इस गंभीर विषय पर ध्यान दें और जनता को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पालघर रेलवे स्टेशन परिसर में तत्काल विशेष ट्रैफिक अभियान चलाया जाए, अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा बस और ऑटो के लिए निर्धारित स्टैंड की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।



