ठळक बातम्या

पालघर नगर परिषद की दोहरी कार्रवाई? छोटे व्यापारियों पर सख्ती, बड़े अतिक्रमण पर चुप्पी!

पालघर नगर परिषद की दोहरी कार्रवाई? छोटे व्यापारियों पर सख्ती, बड़े अतिक्रमण पर चुप्पी! 

 

पालघर शहर में दो दिन की बारिश के बाद नगर परिषद की अतिक्रमण विरोधी टीम जेसीबी, डंपर और पुलिस बंदोबस्त के साथ छोटे व्यापारियों के सामने लगे वर्षों पुराने शेड (पत्रे) हटाने पहुंच गई। इस कार्रवाई के बाद शहरभर के व्यापारियों और नागरिकों में नाराजगी देखने को मिली।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने लगे छोटे शेड बारिश और धूप से ग्राहकों की सुरक्षा के लिए वर्षों से लगाए गए हैं। लेकिन नगर परिषद ने इन्हीं पर कार्रवाई शुरू कर दी, जबकि पूरे पालघर शहर में जगह-जगह अवैध अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, फुटपाथों पर कब्जा और सड़कों पर फैले अतिक्रमण आज भी जस के तस बने हुए हैं

कार्रवाई के दौरान मौजूद एक अधिकारी से स्थानीय नागरिकों ने कई बार उसका नाम, पद और पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संबंधित अधिकारी ने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया और कोई पहचान पत्र भी नहीं दिखाया। इससे लोगों में यह सवाल उठने लगा कि सरकारी कार्रवाई करने वाला अधिकारी अपनी पहचान बताने से क्यों बच रहा था?विवाद बढ़ने पर 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस पहुंचने के बाद स्थिति शांत हुई। नागरिकों का कहना है कि सरकारी अधिकारी यदि कानून के तहत कार्रवाई करने आते हैं तो उनके पास पहचान पत्र होना चाहिए और जनता को अपनी पहचान बताने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

दूसरी ओर, पालघर के मनोर रोड पर वर्षों से सड़क किनारे बड़ी मछली मार्केट लग रही है। मछलियों का गंदा पानी सड़क पर बहाया जाता है, जिससे पूरे परिसर में दुर्गंध फैलती है। आसपास के व्यापारी, विशेषकर जैन और मारवाड़ी समाज के व्यापारियों ने कई बार इस समस्या की शिकायत की है।

इसी सड़क पर रिक्षाओं का अवैध कब्जा, फुटपाथों पर हाथगाड़ियां, सब्जी विक्रेता, वडापाव, चाय और अन्य ठेलों के कारण आम नागरिकों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन इन बड़े अतिक्रमणों पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती।अब पालघर के नागरिक सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कानून सबके लिए बराबर है या सिर्फ छोटे व्यापारियों के लिए? यदि नगर परिषद वास्तव में अतिक्रमण हटाना चाहती है तो पूरे शहर में समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

जनता का सवाल…

क्या सरकारी अधिकारी बिना पहचान बताए कार्रवाई कर सकते हैं?

पूरे शहर में फैले अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई कब होगी?

मनोर रोड की मछली मार्केट, अवैध पार्किंग और रिक्षाओं के कब्जे पर नगर परिषद कब कार्रवाई करेगी?

अब पालघर नगर परिषद प्रशासन, मुख्याधिकारी (CEO), नगराध्यक्ष और संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

📰 पालघर नागरिक | जाग महाराष्ट्र न्यूज

चीफ एडिटर – जावेद लुलानिया, पालघर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *