ब्रेकिंग न्यूज | पालघर जिले के शिरगाव बीच पर गंदगी का साम्राज्य, स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च… फिर भी कचरे के ढेर, आखिर जिम्मेदार कौन?
पालघर | जावेद लुलानिया
पालघर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल शिरगाव बीच की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। समुद्र किनारे जगह-जगह प्लास्टिक, थर्माकोल, शराब की बोतलें, सड़ा-गला कचरा और गंदगी के ढेर दिखाई दे रहे हैं। छुट्टियों के दिनों में हजारों पर्यटक अपने परिवार और बच्चों के साथ यहां घूमने आते हैं, लेकिन उन्हें स्वच्छ वातावरण के बजाय बदबू और कचरे का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिरगाव ग्राम पंचायत को स्वच्छता, बीच की साफ-सफाई और विकास कार्यों के लिए हर वर्ष लाखों रुपये का सरकारी निधि प्राप्त होता है। समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाने के दावे भी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत तस्वीरों में साफ दिखाई दे रही है। यदि लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, तो फिर समुद्र किनारे कचरे के इतने बड़े-बड़े ढेर क्यों पड़े हैं? आखिर यह सरकारी निधि कहां खर्च हो रही है?

अब सवाल सीधे शिरगाव ग्राम पंचायत के सरपंच, ग्रामसेवक, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूछा जा रहा है। क्या उन्होंने शिरगाव बीच की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तहसीलदार, बीडीओ, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और पालघर की जिलाधिकारी को भेजी है? यदि रिपोर्ट भेजी गई है, तो आज तक इस समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ? और यदि रिपोर्ट नहीं भेजी गई, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शिरगाव बीच पर स्वच्छता के नाम पर खर्च हुई सरकारी निधि की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जनता का कहना है कि पर्यटन स्थल की स्वच्छता बनाए रखना केवल सरकार का दावा नहीं, बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी भी है। अब पूरे पालघर जिले की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।



