नएच-48 पर बेकाबू ट्रकों का सैलाब

☑️पालघर नागरिक ब्रेकिंग न्यूज.

☑️ एन एच 48 इन्फॉर्मेशन ग्रुप. 18.09.2025.

एनएच-48 पर बेकाबू ट्रकों का सैलाब, लूटपाट और एम्बुलेंस जाम में — जिम्मेदार कौन?

पालघर:राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर ट्रकों की बाढ़ ने हालात विस्फोटक बना दिए हैं। लंबे जाम में फंसे ड्राइवर न केवल पानी और भोजन के अभाव से त्रस्त हैं, बल्कि यहां लूटपाट और झड़पों की आशंका भी मंडरा रही है। अब स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि एम्बुलेंस तक घंटों जाम में फंसी रह रही हैं। सवाल उठता है कि अगर इन एम्बुलेंस में ले जाए जा रहे मरीजों के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा?*

एम्बुलेंस संकट जीवन दांव परस्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर आवाजाही करने वाली एम्बुलेंस अक्सर इस ट्रैफिक जाम में फंस जाती हैं। आपातकालीन स्थिति में टूटी सड़कों और जाम में फंसे वाहनों के बीच एम्बुलेंस को निकालना नामुमकिन हो जाता है।*

विशेषज्ञ पूछते हैं:

क्या सरकार एम्बुलेंस को लिफ्ट करने या एयर-लिफ्ट व्यवस्था का बंदोबस्त कर पाएगी?

जिन मरीजों की ज़िंदगी हर सेकंड पर टिकी होती है, उनके मौत का जिम्मेदार कौन होगा?

 

प्रशासन पर सीधे सवाल

अगर पानी, शौचालय और पार्किंग तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो टोल वसूली का औचित्य क्या है?

एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

क्या सरकार किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है?

आवश्यक त्वरित कदम

टोल फ्री व्यवस्था और अस्थायी राहत कैंप की स्थापना।

एम्बुलेंस को तुरंत पास देने के लिए ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था।

मेडिकल सुविधाओं और पीने के पानी की आपूर्ति।

पार्किंग और यातायात प्रबंधन की सख्त योजना।

चेतावनी

अगर प्रशासन ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए तो यह जाम सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि जिंदगियां निगलने वाला जाल बन जाएगा। ट्रकों की इस बाढ़ और एम्बुलेंस संकट का सीधा असर आम जनता की सुरक्षा पर है। आसन्न अराजकता और संभावित हादसों की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन पर ही आएगी।

एक ड्राइवर, पालघर से..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *